Monthly Archives: सितम्बर 2010

कबीर के दोहे, कॉमनवेल्थ खेल के परिप्रेक्ष्य में..

साई इतना दीजिये, जितना कलमाडी खाय ! सात पुश्त भूखी ना रहे, कोई चिंता नही सताय !! गिल कलमाडी दौऊ खडे, काके लागू पांय ! बलिहारी मै दौऊ पर, भट्टा दिया बिठाय !! लूट सके तो लूट ले, वेल्थ खेल … पढना जारी रखे

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कामन वेल्थ झेल का थीम गीत…

कृपया धुन के लिये प्रदीप जी का लिखा प्रसिद्ध गीत “आओ बच्चो तुम्हे दिखाये, झांकी हिन्दुस्तान की, इस मिट्टी से तिलक करो , ये धरती है बलिदान की” पर निम्न पन्क्तियों को समायोजित करने का प्रयास करें… ————————————————————————————————– आओ तुमको … पढना जारी रखे

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